महात्मा गाँधी का चश्मा नीलाम हो रहा था। तमाम लोग बड़ी-बड़ी बोलियाँ लगाने को तैयार थे। चुनाव के मुहाने पर खड़ी कांग्रेस पार्टी भी बापू के चश्मे को पा लेने की क़समें खा रही थी।
आज प्रसिद्ध उत्सवधर्मी और शराब व्यापारी विजय माल्या ने गाँधी जी का चश्मा सबसे ऊँची बोली लगा के खरीद लिया है। तक़रीबन १.८ मिलियन डॉलर्स। कांग्रेस पार्टी इस घटना पर गदगद है।
बापू की आत्मा आज धन्य हो गई होगी!
चश्मा अमर है, नज़र दफ़न हो गई।