सोमवार, 14 जनवरी 2008

बेगम नवाज़िश अली

जनरल साहब को धकिया-धकेल के वर्दी से वंचित कर दिया गया। बेचारों को इस ग़म से राहत देने को दहशतगर्दों (?) ने बीबी साहिबा का क़त्ल कर डाला। इन्तिखाब टालने पड़े। जनरल साहिब (रिटायर्ड) थोड़े सुकुन से हैं पर लोग बड़ी गालियाँ दे रहे हैं उन्हे। बेनज़ीर का खून तो उनके कपड़ों पर मल ही रहे हैं और पाकिस्तान की सारी मुसीबतों का ज़िम्मेवार भी मान रहे हैं उन्हे।

माना बुरे हैं पर अब इतने भी बुरे नहीं जनरल (रिटायर्ड) साहिब। कुछ तो आज़ादी का माहौल बनाया था उन्होने पाकिस्तान में। वरना एक अली सलीम, बेगम नवाज़िश अली बनकर क्यूंकर सबकी खिल्ली उड़ा सकता था ? वो भी नेशनल टेलेविज़न पर? कुछ लोग कहते हैं कि उनकी ही फ़ौज के एक कर्नल के बेटे अली को उन्हे खून के घूँट पी कर बरदाश्त करना पड़ा

वजह जो भी रही हो लेकिन इतना क्रेडिट तो देना पड़ेगा आप को कि बरदाश्त करने की क़ुव्वत है जनरल साहिब में। और इसी जज़्बे को तो डेमोक्रेसी कहते हैं। वैसे बेगम नवाज़िश अली को अब आप भी देख सकेंगे 9X पर हर शनिवार रात दस बजे। कुछ लोग अली को होमोसेक्चुअल कहते हैं कुछ लोग बाइसेक्चुअल.. मैंने उन्हे एक इन्टरव्यू में खुद को ट्राइ(try)सेक्चुअल बताते हुए सुना है।

देखिये महेश भट्ट के साथ उनके प्रोग्राम की यह क्लिप..

8 टिप्‍पणियां:

संजय तिवारी ने कहा…

मैं भी इस महिला? पुरूष? जो भी हो, इनका कार्यक्रम देखने के लिए उत्सुक हूं.

ALOK PURANIK ने कहा…

भई वाह वाह। और लाइये जी बेगम साहिबा को।

इरफ़ान ने कहा…

kripaya begum ko zyaadaa ग़म na dein.

इरफ़ान ने कहा…

aap kaisee faarsee seekhe bhaee वज़ह likh rahe hain?

अभय तिवारी ने कहा…

शुक्रिया इरफ़ान.. दोनों गलतियाँ सुधार ली हैं.. आम तौर पर मैं उर्दू का शब्द इस्तेमाल करने के पहले शब्दकोश देख लेता हूँ.. आज कोताही कर दी.. अच्छा हुआ आप ने देख लिया..
और फ़ारसी सीखी कहाँ.. आधे में छोड़ दी.. उर्दू का अखबार मँगाता हूँ ताकि सीखने की प्रक्रिया धीमी ही सही..चलती रही..

Sanjeet Tripathi ने कहा…

बहुत कुछ पढ़ रखा है इन बेगम साहिबा के बारे में, इतना कि इनका प्रोग्राम देखने को उत्सुक हो उठा हूं।
हाल ही में यह भारत आई थी तो जी न्यूज पर इन्हे कुछ देर देखा-सुना ज़रुर था।

Pramod Singh ने कहा…

तो अब शनिवार की रात 9x देखनी पड़ेगी?

Indra ने कहा…

begum nawajish ali aka salim ali ko dekh sun kar lagta hai ki pakistan ki society utni conservative nahin hai jitni dur se lagti hai.salim khud ek Lt. Col. (Rtd) ke ladke hain. ek baar begum se puchcha gaya ki abhi tak general musharraf unke yahan kyon nahin aye to begum ne kaha "hi jaani maine unko kitni baar kaha ki vardi utaar ke ana wo samajh hi nahin pate" isiliye unka interview nahin ho saka

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