सोमवार, 11 फ़रवरी 2008

शी वान्ट्स अ वीनी

मेरा अपना आकलन है कि हिन्दी की दुनिया में ऐसी बहुत सी बातें बहुत से विषय जो अंग्रेज़ी की दुनिया में इसी देश-काल में ‘पासे’ हो चले हैं, उनको लेकर हिन्दी का संसार बेहद संवेदनशील बना रहता है। जैसे उदाहरण के लिए मैं इस वीडियो का लिंक यहाँ दे ज़रूर रहा हूँ लेकिन शंकाओं से घिरकर.. पता नहीं लोग क्या कहेंगे..!

वीनी मायने कैसे कहूँ क्या.. आप समझ जाइये न.. वीनी के बारे में फ़्रायड महाराज का सिद्धान्त है कि स्त्रियाँ वीनी-ईर्ष्या से न केवल ग्रस्त होती है वरन संचालित भी होती हैं।

1 टिप्पणी:

Pramod Singh ने कहा…

बच्‍चे- ख़ास तौर पर जब वह बच्चियां हों- जो मांगें उन्‍हें दिया जाए, यह अच्‍छी बात नहीं. मत देना. और मैं दे सकूं ऐसी स्थिति से मैंने पहले ही खुद को काफी ऊपर कर लिया है.

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