मंगलवार, 27 जुलाई 2010

छोटा आदमी

पिछले दिनों बोधिसत्व का नया संग्रह 'ख़त्म नहीं होती बात' प्रकाशित हुआ, उस में से एक कविता छोटा आदमी-

3 टिप्‍पणियां:

अशोक कुमार पाण्डेय ने कहा…

aapke svar me aur arthpoorn ho gayii...

Udan Tashtari ने कहा…

बहुत अच्छा लगा आपसे सुनकर.

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

छोटी छोटी बातें सच में व्यग्र कर जाती है मन को। सुन्दर पाठ।

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